बैजनाथ के भट्टू गाँव की 12 वर्षीय मेहक ने यह साबित कर दिया है कि अगर जुनून सच्चा हो तो संसाधनों की कमी सफलता के आड़े नहीं आती। महज दो साल पहले अपने घर की छत पर बने नेट से क्रिकेट की शुरुआत करने वाली मेहक आज जिला अंडर-19 टीम की स्टार बल्लेबाज ऑलराउंडर बन चुकी हैं। यह सफर तब शुरू हुआ जब उनके पिता बलदेव ने उनके भाई को छत पर अभ्यास कराते समय मेहक के भीतर छिपे हुनर को पहचाना और उनके लिए छत पर ही नेट का इंतजाम कर दिया। छह महीने की कड़ी मेहनत और पंचकूला की एकेडमी से बुनियादी गुर सीखने के बाद, पिछले साल मेहक का चयन नगरोटा बगवां स्थित एचपीसीए (HPCA) महिला रेजिडेंशियल एकेडमी में हुआ। अपनी तेजी से सीखने की क्षमता के कारण उन्होंने मीडियम पेस बॉलिंग और बल्लेबाजी दोनों में खुद को साबित किया है। पिता बलदेव और माता रितु अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हैं और आज मेहक उन सभी बच्चों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई हैं जो छोटे से गाँव से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।





















