बैजनाथ, 27 अप्रैल :गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के मद्देनजर उपमंडलाधिकारी (ना०) बैजनाथ संकल्प गौतम ने क्षेत्र के सभी विद्यालयों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।
एसडीएम ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के समय में बदलाव करते हुए उन्हें प्रातःकालीन समय में संचालित किया जाए ताकि दोपहर की तेज गर्मी से बच्चों को बचाया जा सके। इसके साथ ही बाहरी गतिविधियों को सीमित किया जाए और प्रार्थना सभाएं कक्षाओं के भीतर या छायादार स्थानों पर आयोजित की जाएं।
विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमित अंतराल पर बच्चों को पानी पीने के लिए प्रेरित करने हेतु “वॉटर ब्रेक” भी लागू किए जाएं। कक्षाओं में उचित वेंटिलेशन बनाए रखने, खिड़कियों पर पर्दे या ब्लाइंड्स लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने गर्मी को देखते हुए यूनिफॉर्म में भी ढील देने की बात कही है जिसमें हल्के सूती कपड़े पहनने की अनुमति दी जाए तथा टाई और ब्लेज़र जैसे अतिरिक्त वस्त्रों से छूट दी जाए। साथ ही स्कूल बसों में ओवरलोडिंग न हो, पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मिड-डे मील के अंतर्गत बच्चों को ताजा एवं पौष्टिक भोजन परोसा जाए तथा बासी या जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों से बचा जाए। साथ ही, स्कूलों में ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहे तथा स्टाफ को हीट स्ट्रोक व अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाए।
एसडीएम संकल्प गौतम ने यह भी कहा कि स्कूलों में गर्मी से बचाव संबंधी जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की जाए और अभिभावकों के साथ समन्वय बनाकर बच्चों की सुरक्षा और पर्याप्त जल सेवन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से टिन की छत वाले स्कूलों और अधिक ह्यूमिडिटी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी तैयारी और आकस्मिक योजनाएं बनाए रखने के निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
उन्होंने अपील की है कि इन दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन कर बच्चों को गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जाए।



















