SHIMLA: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नशे के खिलाफ, विशेषकर चिट्टे के खिलाफ अभियान अब पूरे हिमाचल प्रदेश में एक व्यापक जन आंदोलन बन गया है। रविवार शाम पुलिस मैदान भरारी में ‘से नो टू ड्रग्स, एम्ब्रेस स्पोर्ट्स’ थीम पर आयोजित शिमला क्रिकेट कार्निवल के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को बड़ी ताकत मिली है। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ने के लिए सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है और इसी कड़ी में उन्होंने टूर्नामेंट के लिए 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और क्रिकेट ग्राउंड फीस में 50 प्रतिशत छूट की घोषणा की।
नशामुक्त समाज के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य के सभी कॉलेजों में जागरूकता सेमिनार और वॉकथॉन आयोजित किए जाएंगे, जबकि वरिष्ठ जिला अधिकारियों को स्कूलों का नियमित दौरा कर बच्चों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार केवल ड्रग तस्करों को ही नहीं पकड़ रही, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क को भी ध्वस्त कर रही है, जिसके तहत पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। इसके अलावा, नशीली दवाओं के मामलों में संलिप्त 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जिसमें 10 सरकारी कर्मचारियों और 21 पुलिस कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त करना शामिल है। राज्य सरकार ने नशामुक्त हिमाचल की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी सेवाओं में भर्ती से पहले डोप टेस्ट को भी अनिवार्य कर दिया है। इस अवसर पर विधायक हरीश जनार्था, मेयर सुरेंद्र चौहान, डिप्टी मेयर उमा कौशल और उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।





















