धर्मशाला: जिला कांगड़ा के योल क्षेत्र में पंचायत चुनावों से पहले माहौल गरमा गया है। ग्राम पंचायत निर्माण सुधार संघर्ष समिति ने हाउस टैक्स और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के मुद्दे पर प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चुनाव बहिष्कार की कड़ी चेतावनी दी है। आज धर्मशाला में उपायुक्त कांगड़ा से मुलाकात के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याएं रखीं और एक ज्ञापन सौंपा। समिति के प्रधान ज्ञान चंद, उप-प्रधान होशियार सिंह और सचिव कल्याण चंद शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन नामांकन के इच्छुक उम्मीदवारों को NOC देने से इनकार कर रहा है।
विवाद की मुख्य जड़ हाउस टैक्स है, जिसे प्रशासन ने चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य शर्त बना दिया है। समिति का कहना है कि प्रशासन द्वारा छावनी बोर्ड के पुराने हाउस टैक्स को जमा करने के बाद ही NOC जारी करने की बात कही जा रही है, जबकि यह मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। समिति ने स्पष्ट किया कि छावनी बोर्ड द्वारा 2008 में लगाए गए इस भारी टैक्स को पहले ही अदालत में चुनौती दी गई थी और अप्रैल 2023 में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने संघर्ष समिति के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बावजूद प्रशासन इस फैसले को नजरअंदाज कर जनता पर जबरन टैक्स का दबाव बना रहा है।
समिति ने विकास कार्यों की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 2023 के बाद से क्षेत्र में कोई नया काम नहीं हुआ है और मूलभूत सुविधाओं की कमी है। संघर्ष समिति ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि नामांकन की राह से NOC की शर्त नहीं हटाई गई, तो वे न केवल इन पंचायत चुनावों का बहिष्कार करेंगे, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी नेताओं का कड़ा विरोध करेंगे। इस चेतावनी ने प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

















