धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) ने धर्मशाला नगर निगम चुनाव 2026 के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए चुनावी बिसात बिछा दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने इन चुनावों के लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं की एक विशेष संचालन समिति का गठन किया है।
वरिष्ठ नेताओं को मिली मुख्य जिम्मेदारी
शिमला स्थित राजीव भवन से जारी आदेशों के मुताबिक, अनुभवी नेता चौधरी चंदर कुमार को चुनाव के लिए ‘वरिष्ठ पर्यवेक्षक’ (Senior Observer) नियुक्त किया गया है। वहीं, पार्टी के युवा और आक्रामक नेता रघुबीर सिंह बाली को चुनाव इंचार्ज की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी सहायता के लिए अनुराग शर्मा और देवेंद्र जग्गी को सह-प्रभारी (Co-Incharge) बनाया गया है।
वार्ड स्तर पर ‘माइक्रो-मैनेजमेंट’ की रणनीति
पार्टी ने इस बार हर एक वार्ड पर पैनी नजर रखने के लिए वार्ड प्रभारियों की नियुक्ति की है।
- केवल पठानिया: वार्ड 1, 6 और 14।
- मलेंदर राणा: वार्ड 2, 3 और 5।
- अजय महाजन: वार्ड 4 और 7।
- नरेंद्र मुंगिरा: वार्ड 10 और 11।
- अजय वर्मा: वार्ड 13 और 15।
- अन्य प्रभारी: वार्ड 8 के लिए दिग्विजय मल्होत्रा, वार्ड 9 के लिए संजय चौहान, वार्ड 12 के लिए कुलदीप पठानिया, वार्ड 16 के लिए मनोज कुमार और वार्ड 17 के लिए डॉ. राजेश शर्मा मोर्चा संभालेंगे। वरिष्ठ नेता किशोरी लाल भी पूरी चुनावी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे।
सोशल मीडिया और कानूनी सेल सक्रिय
आधुनिक दौर के प्रचार को देखते हुए पुनीत मल्ही को मीडिया इंचार्ज और दिनेश शर्मा को सोशल मीडिया की कमान दी गई है। इसके साथ ही, चुनावी कानूनी अड़चनों से निपटने के लिए एडवोकेट विक्रम शर्मा और एडवोकेट विकेश ठाकुर को कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया है।
7 मई से शुरू होगा जमीनी अभियान
कांग्रेस आलाकमान ने सभी पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 7 मई से अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएं। पार्टी का मुख्य एजेंडा धर्मशाला के विकास कार्यों को जनता तक ले जाना और संगठनात्मक एकजुटता के साथ विरोधियों को चुनौती देना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वार्ड स्तर पर नेताओं की तैनाती करके कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ एक मजबूत घेराबंदी तैयार की है।















