सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत उप-मंडल दंडाधिकारी कुनिका अकर्स ने जानकारी दी कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए थर्मोकोल से बने सभी प्रकार के उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, खुले बाजार में बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि थर्मोकोल पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है और इसके अपशिष्ट निस्तारण से गंभीर पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, जिसके चलते यह निर्णय जनहित में लिया गया है।
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एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों या संस्थानों के खिलाफ प्रचलित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रवर्तन एजेंसियों को नियमित निरीक्षण और प्रभावी अभियान चलाकर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आम नागरिकों, व्यापारियों एवं संबंधित पक्षों से प्रशासन का सहयोग करने और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने की अपील की है।
कुल्लू से प्रिया शर्मा की रिपोर्ट।





















