सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई उनकी बैठकें उत्साहजनक और परिणामोन्मुख रहीं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से रखा गया है और आशा है कि इन पर राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहाड़ी राज्यों के लिए वित्तीय विकेंद्रीकरण, अनुदान तथा आपदा प्रबंधन में क्षेत्र-विशेष नीति अपनाने के सुझाव पर सहमति जताते हुए इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है, जिससे हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों को विकास और आपदा राहत के लिए पर्याप्त सहयोग मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के दो प्रतिशत अतिरिक्त उधारी की अनुमति देने के अनुरोध पर भी केंद्रीय वित्त मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के सेब बागवानों की समस्याओं को भी केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूज़ीलैंड सेब पर आयात शुल्क में कमी से स्थानीय बागवानों को नुकसान हो रहा है और इस विषय पर केंद्र का ध्यान आकर्षित किया गया है।
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इस पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादन के प्रमुख मौसम जुलाई से नवंबर के दौरान सेब आयात पर रोक लगाने तथा अप्रैल से अगस्त के बीच आयात शुल्क में छूट न देने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड से संबंधित राज्य के लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एकीकृत कार्यालय के लिए भूमि आवंटन हेतु बीबीएमबी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का विषय भी उठाया गया, जिस पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में निगम के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं और एकीकृत कार्यालय से कार्यक्षमता में सुधार आएगा।





















