हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश में लगातार चरमराती कानून व्यवस्था और बढ़ती आपराधिक घटनाओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की हमीरपुर इकाई ने गांधी चौक पर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उठाई। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार को चेताया कि यदि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से सरकाघाट में हुई युवती की निर्मम हत्या के मामले को उठाते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि सरकार की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण अपराधियों में कानून का खौफ खत्म हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप हमीरपुर, कांगड़ा और अब सरकाघाट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। विभाग प्रमुख नेहा ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि जघन्य अपराधों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं परिषद के वरिष्ठ सदस्य सौरभ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है। अगर सरकार और प्रशासन ने जल्द ही कानून व्यवस्था में सुधार नहीं किया और अपराधियों पर नकेल नहीं कसी, तो विद्यार्थी परिषद पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में हर जिला मुख्यालय पर प्रदेश सरकार की विफलताओं के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे प्रदेश की गिरती कानून व्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दों पर चुप नहीं बैठेंगे।




















