जिला बिलासपुर में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं की सरकारी खरीद कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) परियोजना के माध्यम से शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक तौर पर उत्पादित गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किए जाने पर जिला के किसान बेहद खुश हैं। किसानों के हित में प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में रसायनमुक्त कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में किसानों का रुझान प्राकृतिक खेती की ओर लगातार बढ़ रहा है। जिला में इस समय 223 किसान प्राकृतिक उत्पादित गेहूं बेचने को तैयार हैं और कुल 175 क्विंटल गेंहू खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बिलासपुर में प्राकृतिक गेहूं बेचने पहुंचे ग्राम पंचायत कोटला के गांव बनवाड़ निवासी किसान सुमन कुमार ठाकुर ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक खेती से जुड़े हुए हैं। इस वर्ष उन्होंने लगभग 10 क्विंटल गेहूं आत्मा परियोजना के माध्यम से विक्रय किया है, जिसे प्रदेश सरकार ने 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि से न केवल किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है बल्कि प्राकृतिक खेती के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत हुआ है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत नम्होल के गांव दगशेच निवासी किसान देश राज ने बताया कि उन्हें आत्मा परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती के कारण पहले मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी, लेकिन प्राकृतिक खेती अपनाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता फिर से लौटने लगी है। उन्होंने आगे जोड़ा कि इस विधि से खेती की लागत बहुत कम हो गई है और सरकार द्वारा 80 रुपये का बेहतरीन दाम मिलने से अब यह काम काफी मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है। किसानों ने इस कल्याणकारी योजना और नए मूल्य निर्धारण के लिए प्रदेश सरकार और आत्मा परियोजना का दिल से आभार व्यक्त किया है।















