हिमाचल प्रदेश के शहरी निकाय चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है। प्रदेश की कुल 25 नगर परिषदों में से 18 पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने बहुमत हासिल किया है, जबकि 22 नगर पंचायतों में से 12 में एकतरफा जीत दर्ज की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस ऐतिहासिक जीत पर जनता का आभार जताया और इसे कांग्रेस सरकार के खिलाफ स्पष्ट जनादेश बताया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के गृह क्षेत्रों में भाजपा की यह जीत केवल एक ट्रेलर है और 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की विदाई तय है। भाजपा ने बिलासपुर की तीनों नगर परिषदों और एक नगर पंचायत समेत कांगड़ा, महासू, सोलन और ऊना के शहरी क्षेत्रों में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
दूसरी तरफ कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने भी कुछ मजबूत क्षेत्रों में वापसी की है। मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र देहरा और ज्वालामुखी नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर भाजपा के पुराने दबदबे को तोड़ा है। इसके अलावा शिमला जिले के जुब्बल और चौपाल जैसे शहरी निकायों में भी कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है। ये चुनाव बिना पार्टी सिंबल के लड़े गए थे, जिसके परिणाम 17 मई 2026 को घोषित हुए और अब दोनों दल इसे 2027 के चुनावों से पहले अपने पक्ष में भुनाने में जुटे हैं। इसके बाद अब पार्टी सिंबल पर हुए चार प्रमुख नगर निगमों (धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन) के चुनाव परिणाम 31 मई 2026 को सामने आएंगे।


















