- धर्मशाला | शशि भूषण
धर्मशाला नगर निगम चुनावों के लिए रोस्टर जारी होते ही धौलाधार की तलहटी में सियासी पारा चढ़ गया है। वार्डों के नए समीकरण सामने आते ही राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। इसी बीच, सत्ताधारी कांग्रेस ने एक बार फिर नगर निगम पर अपना कब्जा बरकरार रखने का हुंकार भर दी है।
दबदबा कायम रहेगा: देवेंद्र जग्गी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने चुनावी रणभेरी बजते ही आत्मविश्वास जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से धर्मशाला नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा कायम है और जनता के अटूट विश्वास के दम पर इस बार भी मेयर व डिप्टी मेयर पद पर कांग्रेस के ही प्रत्याशी आसीन होंगे। जग्गी ने दावा किया कि शहर के विकास कार्यों और कांग्रेस की नीतियों के कारण विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने चुनावी रणभेरी बजते ही आत्मविश्वास जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से धर्मशाला नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा कायम है और जनता के अटूट विश्वास के दम पर इस बार भी मेयर व डिप्टी मेयर पद पर कांग्रेस के ही प्रत्याशी आसीन होंगे। जग्गी ने दावा किया कि शहर के विकास कार्यों और कांग्रेस की नीतियों के कारण विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
गर्ल्स स्कूल मर्जर पर छिड़ी बहस
सियासी जोड़-तोड़ के बीच शहर का एक अहम शैक्षणिक मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। धर्मशाला के ऐतिहासिक गर्ल्स स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज करने के प्रस्ताव पर जनता और अभिभावकों में रोष देखा जा रहा है। इस संवेदनशील विषय पर पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने संतुलित लेकिन स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने वकालत की कि दोनों स्कूलों की अपनी अलग ऐतिहासिक पहचान और गरिमा है, जिसे बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिक्षा और सुविधा को देखते हुए स्कूलों के विलय के बजाय उनकी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना शहर के हित में है।
सियासी जोड़-तोड़ के बीच शहर का एक अहम शैक्षणिक मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। धर्मशाला के ऐतिहासिक गर्ल्स स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज करने के प्रस्ताव पर जनता और अभिभावकों में रोष देखा जा रहा है। इस संवेदनशील विषय पर पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने संतुलित लेकिन स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने वकालत की कि दोनों स्कूलों की अपनी अलग ऐतिहासिक पहचान और गरिमा है, जिसे बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिक्षा और सुविधा को देखते हुए स्कूलों के विलय के बजाय उनकी स्वतंत्र पहचान बनाए रखना शहर के हित में है।
रोस्टर के बाद बदली रणनीति
नगर निगम का रोस्टर जारी होने के बाद कई दिग्गजों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। कुछ वार्ड आरक्षित होने के कारण उम्मीदवारों को अब नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी पड़ रही है। जहाँ कांग्रेस अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं शहर के बुद्धिजीवी वर्ग की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर राजनीतिक दल क्या स्टैंड लेते हैं।
नगर निगम का रोस्टर जारी होने के बाद कई दिग्गजों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। कुछ वार्ड आरक्षित होने के कारण उम्मीदवारों को अब नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी पड़ रही है। जहाँ कांग्रेस अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं शहर के बुद्धिजीवी वर्ग की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर राजनीतिक दल क्या स्टैंड लेते हैं।





















