शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बजट अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पूर्व भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने बजट में कुछ भी नहीं छिपाया है और पूरी सच्चाई प्रदेश की जनता के सामने रखी है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के सदस्यों से विस्तृत चर्चा के बाद ही ‘रियल टर्म’ में बजट प्रस्तुत किया गया है।
“पिछली सरकार ने बांटी मुफ्त की रेवड़ियां, छोड़ गई 76 हजार करोड़ का कर्ज”
पूर्व जयराम सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद उन्होंने पाया कि प्रदेश की संपदा का जमकर दुरुपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार को 70 हजार करोड़ रुपये RDG और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में मिले, फिर भी वे वित्तीय स्थिति नहीं सुधार सके। सीएम ने कहा, “पिछली सरकार हिमाचल को आर्थिक रूप से ‘श्रीलंका’ जैसी स्थिति में छोड़कर गई थी। बावजूद इसके वे 76 हजार करोड़ का कर्ज और मुफ्त की रेवड़ियों का बोझ डाल गए।”
पूर्व जयराम सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद उन्होंने पाया कि प्रदेश की संपदा का जमकर दुरुपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार को 70 हजार करोड़ रुपये RDG और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में मिले, फिर भी वे वित्तीय स्थिति नहीं सुधार सके। सीएम ने कहा, “पिछली सरकार हिमाचल को आर्थिक रूप से ‘श्रीलंका’ जैसी स्थिति में छोड़कर गई थी। बावजूद इसके वे 76 हजार करोड़ का कर्ज और मुफ्त की रेवड़ियों का बोझ डाल गए।”
हिमकेयर योजना में घोटाले के संकेत, विजिलेंस जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने ‘हिमकेयर’ योजना को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्रदेश की संपदा को लुटाया गया और मंडी से लेकर लुधियाना तक राशि का दुरुपयोग हुआ। सीएम के अनुसार, पूर्व सरकार ने 442 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन इलाज केवल 370 करोड़ का हुआ, जबकि वर्तमान सरकार ने तीन साल में 960 करोड़ का इलाज कराया।
मुख्यमंत्री ने ‘हिमकेयर’ योजना को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्रदेश की संपदा को लुटाया गया और मंडी से लेकर लुधियाना तक राशि का दुरुपयोग हुआ। सीएम के अनुसार, पूर्व सरकार ने 442 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन इलाज केवल 370 करोड़ का हुआ, जबकि वर्तमान सरकार ने तीन साल में 960 करोड़ का इलाज कराया।
रोगी कल्याण समिति के फंड का कोई ऑडिट न होने पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने विजिलेंस जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घोषणा की कि अब सरकार एक विशेष ‘कार्ड’ जारी करेगी, जिसके तहत मरीज सुव्यवस्थित तरीके से इलाज करा सकेंगे।
मंडी मेडिकल कॉलेज की बदहाली और आत्मनिर्भरता का संदेश
सीएम सुक्खू ने तंज कसते हुए कहा कि जयराम ठाकुर अपने गृह जिले के मेडिकल कॉलेज में एक MRI मशीन तक नहीं लगा पाए, जिससे लोगों को निजी अस्पतालों में 5000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उनकी सरकार वहां मशीन लगाने जा रही है।
सीएम सुक्खू ने तंज कसते हुए कहा कि जयराम ठाकुर अपने गृह जिले के मेडिकल कॉलेज में एक MRI मशीन तक नहीं लगा पाए, जिससे लोगों को निजी अस्पतालों में 5000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उनकी सरकार वहां मशीन लगाने जा रही है।
अपने विजन को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैं चौथे बजट में ऑल्टो की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ी में आया, तो यह संदेश था कि हिमाचल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। हम संसाधनों को लुटाने नहीं, उन्हें बचाने आए हैं।”





















