हमीरपुर। जिले के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब हमीरपुर जिले के सभी स्कूल प्रमुखों को हर महीने की पहली तारीख को अपने स्कूल में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता का प्रमाण पत्र उपनिदेशक कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करवाना होगा। यह कदम हाल के दिनों में दूषित पानी से फैलने वाले जल जनित रोगों की रोकथाम और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का पालन न करने वाले स्कूल प्रभारियों के खिलाफ विभाग सख्त रुख अपनाएगा। निर्धारित समय पर प्रमाण पत्र जमा न करने की स्थिति में संबंधित स्कूल प्रमुख को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल परिसरों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई हो और विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो।
इसके साथ ही स्कूल प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे पानी की गुणवत्ता की सैंपल रिपोर्ट को हमेशा तैयार रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। उपनिदेशक ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों में छुट्टियों के दौरान भी सफाई कर्मचारी पानी की टंकियों की नियमित देखरेख और सफाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि स्कूल खुलने पर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो। विभाग के इस फैसले से जिले में स्वच्छता मानकों में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।





















