सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। मंडी स्थित प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव के तहत शिव भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। शिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत बाबा भूतनाथ के विशेष मक्खन श्रृंगार से होती है, जिसके अंतर्गत भगवान शिव के विभिन्न दिव्य स्वरूपों का दर्शन भक्तों को कराया जाता है। इसी क्रम में बाबा भूतनाथ को 18वें स्वरूप में तेलंगाना के प्रसिद्ध वेमुलावाड़ा महादेव के रूप में सजाया गया। तारा रात्रि के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां दूर-दराज़ से आए भक्त शिव के अलौकिक स्वरूपों के दर्शन कर स्वयं को धन्य मान रहे हैं। मंदिर परंपरा के अनुसार तारा रात्रि से भगवान शिव की पींडी पर शुद्ध मक्खन का लेप किया जाता है और प्रतिदिन उस लेप पर शिव के विभिन्न स्वरूपों को कलात्मक ढंग से उकेरा जाता है। यही अनूठी परंपरा बाबा भूतनाथ मंदिर को प्रदेश भर में विशेष पहचान दिलाती है।
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मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि इस वर्ष शिवरात्रि महोत्सव के दौरान देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में पूजे जाने वाले भगवान शिव के स्वरूपों को क्रमबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर विभिन्न शिव धामों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सके।महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि आज बाबा भूतनाथ का श्रृंगार तेलंगाना के राजन्ना सिरसिला जिले में स्थित वेमुलावाड़ा महादेव के स्वरूप में किया गया है, जिसे दक्षिण भारत की काशी के रूप में भी जाना जाता है। यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है, जहां शैव और वैष्णव परंपराओं का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है। मंडी के बाबा भूतनाथ मंदिर में इस स्वरूप के दर्शन भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं और शिवरात्रि महोत्सव के दौरान यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश दे रहा है।





















