सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान जिला हमीरपुर में नाबार्ड द्वारा लगभग 2063 करोड़ रुपये के ऋण आवंटन की संभाव्यता जताई गई है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बुधवार को जिला के लिए संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (पीएलपी) जारी करते हुए बताया कि इसमें कृषि क्षेत्र के लिए 793.66 करोड़, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) के लिए 1086.04 करोड़ और शिक्षा, आवास, नवीकरणीय ऊर्जा तथा सामाजिक अवसंरचना जैसे प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए 183.20 करोड़ का आवंटन शामिल है।उपायुक्त ने कहा कि पीएलपी नाबार्ड द्वारा तैयार की जाती है और यह बैंकों को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण कार्यक्रम के तहत विभिन्न क्षेत्रों में ऋण क्षमता का आधार प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य कृषि, एमएसएमई और सामाजिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में वित्तीय सहायता बढ़ाकर हमीरपुर जिले में सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
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उन्होंने बताया कि पीएलपी ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने तथा ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र में सभी हितधारकों की आवश्यकताओं को पूरा करने में उत्प्रेरक भूमिका निभाएगी।उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि वे इस दस्तावेज का उपयोग जिले के ऋण एवं विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए करें और अनुमानित आंकड़ों को मापन योग्य परिणामों में बदलने के लिए सामूहिक प्रयास करें। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आम जनता को ऋण और सब्सिडी योजनाओं के प्रति जागरूक करने की भी हिदायत दी। इस अवसर पर नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार, जिला अग्रणी प्रबंधक धर्मेंद्र स्याल, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. शशिपाल अत्री, उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश कपूर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
















