सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पंजाब केसरी जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र समूह पर की जा रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी समूह वर्षों से देश में निर्भीक, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता करता आ रहा है और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका ईमानदारी से निभा रहा है। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पंजाब की मौजूदा आप सरकार द्वारा जिस तरह से पंजाब केसरी के खिलाफ छापेमारी, वाहनों को रोकने, बार-बार विभागीय जांच बैठाने और अखबार के कामकाज में बाधा डालने की कार्रवाई की जा रही है, वह अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि इस प्रकार के कदम 1975 की इमरजेंसी की काली यादों को ताजा करते हैं, जब देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया गया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान भी पंजाब केसरी ने सत्ता के दबाव के आगे झुकने से इनकार किया था और आज एक बार फिर वही इतिहास दोहराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार की यह मानसिकता तानाशाही प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिसमें सरकार से सवाल पूछने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें:https://sidhivinayaktimes.com/hooliganism-exposed-amid-power-drunkness-opposition-lead/
डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है और यदि मीडिया को भयभीत किया जाएगा तो इसका सीधा नुकसान आम जनता को होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मीडिया की आवाज को दबाए। आम आदमी पार्टी और उसके मुख्यमंत्री का यह रवैया न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि संविधान की भावना के भी खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब केसरी पर किए जा रहे इस कथित दमन की कड़े शब्दों में निंदा करती है और पत्रकारों के साथ मजबूती से खड़ी है। भाजपा हर उस शक्ति का विरोध करेगी जो लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता को कमजोर करने का प्रयास करेगी। डॉ. राजीव बिंदल ने अंत में कहा कि पंजाब और देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इस तानाशाही रवैये का लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी। प्रेस को डराने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी और सच्चाई की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।





















