सिद्धविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की अवधारणा के तहत पर्यटन को सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और सतत आर्थिक विकास से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की निष्क्रियता के कारण राज्य के जल संसाधन और पर्यटन स्थलों का विकास ठहराव का शिकार रहे, लेकिन वर्तमान सरकार ने पोंग डैम झील, गोबिंद सागर और तत्तापानी जैसे क्षेत्रों को आधुनिक जल-पर्यटन केंद्रों में बदलने का काम तेज किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोंग डैम में साइबेरिया और मंगोलिया से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए गाइडेड बर्ड-वॉचिंग टूर और तैरते हुए दर्शक मंच विकसित किए गए हैं। इसके अलावा, शिकारा, स्पीड बोटिंग, हाउसबोट, जेट-स्की और वॉटर स्कूटर जैसी गतिविधियों से पर्यटन बढ़ा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने 77 नए इको-पर्यटन स्थलों का विकास किया है और मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना के तहत होम-स्टे, होटल और फूड वैन जैसे युवा उद्यमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि पर्यटन अब केवल राजस्व का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सशक्तिकरण और सतत विकास का मॉडल बन गया है। उनका कहना था कि यह बदलाव इसलिए संभव हुआ क्योंकि वर्तमान सरकार ने पूर्ववर्ती निष्क्रिय नीतियों से अलग, स्पष्ट दृष्टि और ईमानदार नीयत के साथ काम किया है। हिमाचल में यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार पर्यटन का उदाहरण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।





















