चंडीगढ़, 2 जनवरी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), पंजाब ने राज्य सरकार द्वारा नगर निगमों और नगर परिषदों के लिए किए जा रहे वार्ड परिसीमन को अवैध, मनमाना और असंवैधानिक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इसी मुद्दे पर भाजपा का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल, विधायक एवं प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में, आज राजभवन में पंजाब के राज्यपाल से मिला और इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
जल्दबाज़ी और पारदर्शिता की कमी का आरोप
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया और वैधानिक नियमों का पालन किए अत्यधिक जल्दबाज़ी में वार्ड परिसीमन कर रही है, जिससे शहरी स्थानीय निकायों की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, परिसीमन से पहले कोई विधिवत घर-घर जनसंख्या सर्वेक्षण नहीं कराया गया और कई प्रस्तावित वार्डों में जनसंख्या आंकड़ों में असामान्य गिरावट सामने आई है, जो आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।
भौगोलिक सिद्धांतों और आरक्षण नियमों का उल्लंघन
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वार्ड निर्धारण में निरंतरता और भौगोलिक सन्निकटता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है। कई स्थानों पर आपस में जुड़े न होने वाले क्षेत्रों को एक ही वार्ड में शामिल कर दिया गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग (एससी/बीसी) के लिए आरक्षण मानदंडों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा गया कि कम एससी/बीसी आबादी वाले क्षेत्रों को आरक्षित घोषित किया गया, जबकि अधिक आबादी वाले क्षेत्रों को सामान्य श्रेणी में रखा गया है।
जनगणना अधिसूचनाओं के उल्लंघन का दावा
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने 16वीं जनगणना से संबंधित अधिसूचनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना अवधि के दौरान नगरपालिका और वार्ड सीमाओं में किसी भी प्रकार के बदलाव पर स्पष्ट प्रतिबंध है। ये अधिसूचनाएं राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में जारी की गई हैं, इसके बावजूद राज्य सरकार इनके उल्लंघन में परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप
भाजपा ने कहा कि अवैध और जल्दबाज़ी में किया गया वार्ड परिसीमन लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। पार्टी ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे स्थानीय निकाय विभाग से जुड़े सभी दस्तावेज तलब करें और राज्य सरकार को जनगणना अधिसूचनाओं, वैधानिक प्रावधानों और संवैधानिक मूल्यों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दें, ताकि जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल वरिष्ठ नेता
भाजपा प्रतिनिधिमंडल में पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया, पूर्व सांसद श्वेत मलिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, प्रदेश महामंत्री परमिंदर सिंह ब्रार, पूर्व विधायक केवल ढिल्लों और फतेह सिंह बाजवा, प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी, प्रदेश विधि प्रकोष्ठ प्रमुख एन. के. वर्मा तथा रंजीत गिल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।





















