कुल्लू (प्रिया शर्मा): हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बरसात के मौसम में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत सरकार के सहयोग से वन विभाग और वन निगम द्वारा व्यास नदी के तीन चयनित स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ड्रेजिंग का कार्य शुरू किया जा रहा है। इस योजना के तहत नदी की गहराई बढ़ाई जाएगी और जलमार्ग को साफ किया जाएगा ताकि पानी का बहाव संतुलित रहे। अरण्यपाल संदीप शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ड्रेजिंग की प्रक्रिया के दौरान जो रेत, पत्थर और अन्य सामग्री नदी से निकाली जाएगी, उसे खुले तौर पर नीलाम किया जाएगा।
इस नीलामी से न केवल प्रदेश सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि प्राप्त धनराशि का उपयोग क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और विभिन्न विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का एक मुख्य उद्देश्य नदी के किनारों पर होने वाले भू-कटाव को रोकना और मानसून के दौरान रिहायशी इलाकों को बाढ़ से सुरक्षित रखना है। इसके साथ ही, सरकारी देखरेख में होने वाली इस वैज्ञानिक ड्रेजिंग से व्यास नदी में होने वाले अवैध खनन और चोरी की गतिविधियों पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी। प्रशासन को भरोसा है कि यह पहल कुल्लू क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा कवच साबित होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभकारी रहेगी।















