शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 11वें सत्र की समाप्ति के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि चौदहवीं विधानसभा का यह सत्र अपेक्षा अनुरूप सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सत्र दो चरणों में आयोजित किया गया, जिसमें पहला चरण 16 से 18 फरवरी और दूसरा चरण 18 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक चला। इस दौरान कुल 16 बैठकें आयोजित हुईं और कार्यवाही लगभग 90 घंटे तक चली, जिससे सत्र की उत्पादकता 103 प्रतिशत दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि सत्र की शुरुआत 16 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। पहले दिन पूर्व विधायक स्वर्गीय भगत राम चौहान को श्रद्धांजलि दी गई। सत्र के दौरान कुल 617 प्रश्नों (471 तारांकित और 146 अतारांकित) के उत्तर सरकार द्वारा दिए गए, जो विधायकों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
कुलदीप सिंह पठानिया ने जानकारी दी कि सत्र में विभिन्न नियमों के तहत कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं, जिनमें नियम 61 के तहत 4, नियम 62 के तहत 2, नियम 67, 101, 130 और 324 के तहत एक-एक विषय शामिल रहे। इसके अलावा शून्यकाल में 94 विषयों पर चर्चा की गई। सरकार ने नियम 102 के अंतर्गत 16 फरवरी 2026 को राजस्व सहायता अनुदान से संबंधित सरकारी संकल्प भी सदन में प्रस्तुत किया। 31 मार्च को गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस के रूप में निर्धारित किया गया।
उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान 9 सरकारी विधेयकों को पेश कर चर्चा के बाद पारित किया गया, जबकि विभिन्न समितियों के 60 प्रतिवेदन सदन में रखे गए। साथ ही प्रदेश के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के 649 विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही को प्रत्यक्ष देखा, जो लोकतांत्रिक प्रणाली के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनका प्रयास रहा कि पूरे सत्र की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में संचालित हो। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, उपमुख्यमंत्री, संसदीय कार्यमंत्री, सभापति तालिका के सदस्यों तथा सभी मंत्रियों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा के सभी सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से सत्र की कार्यवाही सफलतापूर्वक और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकी।


















