केंद्र सरकार के दावों और हिमाचल प्रदेश को मिली वास्तविक वित्तीय सहायता के बीच बड़ा अंतर है। विधायक आशीष बुटेल और भवानी सिंह पठानिया ने धर्मशाला में एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार से सवाल किया कि 155 करोड़ रुपये के दावों के मुकाबले राज्य को केवल 49 करोड़ रुपये ही क्यों दिए गए। उन्होंने भाजपा नेताओं जे.पी. नड्डा और जयराम ठाकुर द्वारा राज्य की वित्तीय स्थिति पर दिए गए बयानों को जमीनी हकीकत से दूर बताया। नेताओं का कहना है कि 16वें वित्त आयोग की बैठकों में हिमाचल सरकार लगातार राजस्व घाटा अनुदान जारी रखने की मांग कर रही थी और इसे बंद किए जाने की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से 2022 के बीच भारी केंद्रीय सहायता मिलने के बावजूद वे राज्य पर 75,000 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गए और कर्मचारियों का एरियर भी नहीं चुकाया।




















