कांग्रेस नेता राहुल गांधी कांगड़ा में तीन राज्यों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुंचे, जहाँ उन्होंने पार्टी की विचारधारा और भाजपा की कार्यप्रणाली के बीच के बुनियादी अंतर को विस्तार से समझाया। इस महत्वपूर्ण दौरे की जानकारी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा एयरपोर्ट पर मीडिया से साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राहुल गांधी ने लगभग 62 जिलाध्यक्षों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें कांग्रेस की विचारधारा के उन मूल सिद्धांतों से अवगत करवाया जो देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान देने की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ वह विचारधारा है जो समाज को जोड़ने का काम करती है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी विचारधारा समाज को बांटने की राजनीति करती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राहुल गांधी ने भविष्य की चुनौतियों, अंतरराष्ट्रीय नीतियों और संगठन के भीतर आवश्यक बदलावों को लेकर एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है। विशेष रूप से उनकी सादगी का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि राहुल गांधी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिना किसी एसी सुविधा के तपती धूप में कार्यकर्ताओं के बीच रहे, जो यह संदेश देता है कि राजनीति केवल सेवा और जनभावना से प्रेरित होनी चाहिए। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपनी निष्ठा और मेहनत के दम पर विधायक या राज्यसभा सदस्य जैसे ऊंचे पदों तक पहुँच सकता है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि पूर्व की भाजपा सरकार प्रदेश का खजाना खाली करके गई है और अब उनके नेता केवल झूठ की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान सरकार को बीते साढ़े तीन साल में केंद्र से केवल 17 हजार करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार को अपने 5 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम आर्थिक मदद मिली थी। मुख्यमंत्री ने अंत में दृढ़ता के साथ दावा किया कि उनकी सरकार वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को पूर्णतः आत्मनिर्भर और देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लक्ष्य पर निरंतर काम कर रही है।

















