सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश – पौंग झील में इस साल प्रवासी पक्षियों की गणना के दौरान वन्य प्राणी विभाग के लिए एक रोमांचक खोज हुई। साल 2011 में कॉलर लगाया गया बार हेडेड गूज, टैग नंबर H-74, 15 साल बाद फिर से देखा गया। यह देखना विभाग के लिए सुखद आश्चर्य रहा क्योंकि इस दौरान पक्षी की गतिविधियों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिल पाया था। इसी प्रकार, इसी प्रजाति के अन्य पक्षी P-42 और A-20 भी इस बार झील पहुंचे; P-42 को 2022 में और A-20 को 2023 में टैग किया गया था।
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वन्य प्राणी विभाग अब आगामी वर्षों में GPS टैगिंग के जरिए पक्षियों के प्रवास, भोजन और प्रजनन स्थलों पर नजर रखने की योजना बना रहा है। विभाग के डीएफओ रेजिनॉल्ड रॉयस्टन ने बताया कि इससे न केवल पक्षियों की गणना आसान होगी, बल्कि उनके व्यवहार और आवास की जानकारी भी मिल सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इन पक्षियों की औसत आयु 15-18 वर्ष होती है, इसलिए H-74 जैसे पुराने टैग वाले पक्षी का पौंग झील में वापस आना काफी महत्वपूर्ण है।





















