चंडीगढ़, 6 जून:
स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER), चंडीगढ़ के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में हेल्थ मैनेजमेंट के प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल को चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए ‘रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन ऑफ एडिनबर्ग’ (FRCPE) की प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। यह वैश्विक सम्मान दुनिया भर के उन चुनिंदा चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य किया हो।
स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER), चंडीगढ़ के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में हेल्थ मैनेजमेंट के प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल को चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए ‘रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन ऑफ एडिनबर्ग’ (FRCPE) की प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। यह वैश्विक सम्मान दुनिया भर के उन चुनिंदा चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य किया हो।
25 वर्षों का शानदार करियर और वैश्विक पहचान
प्रोफेसर गोयल का सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 25 से अधिक वर्षों का विशिष्ट करियर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, स्वास्थ्य प्रबंधन व नेतृत्व, तंबाकू नियंत्रण, नीति अनुसंधान और कार्यान्वयन विज्ञान (Implementation Science) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उनके इन प्रयासों से भारत और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हुआ है।
प्रोफेसर गोयल का सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 25 से अधिक वर्षों का विशिष्ट करियर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, स्वास्थ्य प्रबंधन व नेतृत्व, तंबाकू नियंत्रण, नीति अनुसंधान और कार्यान्वयन विज्ञान (Implementation Science) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उनके इन प्रयासों से भारत और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हुआ है।
प्रोफेसर गोयल वर्तमान में ‘डब्ल्यूएचओ अवॉर्डी रिसोर्स सेंटर फॉर टोबैको कंट्रोल’ के निदेशक, तंबाकू नियंत्रण में अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए ‘डब्ल्यूएचओ सहयोग केंद्र’ के प्रमुख और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वैज्ञानिक सहायता समूह के संयोजक के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे ‘इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम’ (IPHMDP) के कार्यक्रम निदेशक और आयरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ लिमरिक में एडजंक्ट क्लिनिकल प्रोफेसर भी हैं।
अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट में उत्कृष्ट योगदान
सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी डॉ. सोनू गोयल ने 270 से अधिक सहकर्मी-समीक्षित (peer-reviewed) वैज्ञानिक लेख प्रकाशित किए हैं और 50 से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान परियोजनाओं का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। वे भारत के सर्वोच्च शैक्षणिक चिकित्सा निकाय ‘नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेस’ (NAMS) के साथ-साथ ‘इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन’ (FIPHA) सहित कई अन्य प्रमुख संस्थाओं के फेलो हैं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी डॉ. सोनू गोयल ने 270 से अधिक सहकर्मी-समीक्षित (peer-reviewed) वैज्ञानिक लेख प्रकाशित किए हैं और 50 से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान परियोजनाओं का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। वे भारत के सर्वोच्च शैक्षणिक चिकित्सा निकाय ‘नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेस’ (NAMS) के साथ-साथ ‘इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन’ (FIPHA) सहित कई अन्य प्रमुख संस्थाओं के फेलो हैं।
उन्होंने ‘मैनेजमेंट ऑफ हेल्थकेयर सिस्टम्स’ (ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस) और ‘हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन’ (एल्सेवियर) जैसी प्रतिष्ठित 13 प्रभावशाली पुस्तकें लिखी और संपादित की हैं। अकादमिक क्षेत्र से इतर, प्रोफेसर गोयल स्वास्थ्य देखभाल तकनीकों और सहायक उपकरणों में नवाचार के लिए 9 पेटेंट आवेदनों से जुड़े रहे हैं, जिनमें से तीन पेटेंट प्रकाशित हो चुके हैं और दो को मंजूरी मिल चुकी है।
मिले हैं कई प्रतिष्ठित पुरस्कार
अपने शानदार करियर के दौरान प्रोफेसर गोयल को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें सोसायटी फॉर रिसर्च ऑन निकोटीन एंड टोबैको (SRNT) द्वारा दिया जाने वाला ‘ग्लोबल रिसर्च नेटवर्क अवार्ड’ (2025), इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन का ‘डॉ. जे.ई. पार्क ओरेशन’, नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज का ‘डॉ. नंदगुडी सूर्यनारायण राव पुरस्कार’ और ‘एक्सीलेंस इन पब्लिक हेल्थ अवार्ड’ प्रमुख रूप से शामिल हैं।
अपने शानदार करियर के दौरान प्रोफेसर गोयल को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें सोसायटी फॉर रिसर्च ऑन निकोटीन एंड टोबैको (SRNT) द्वारा दिया जाने वाला ‘ग्लोबल रिसर्च नेटवर्क अवार्ड’ (2025), इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन का ‘डॉ. जे.ई. पार्क ओरेशन’, नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज का ‘डॉ. नंदगुडी सूर्यनारायण राव पुरस्कार’ और ‘एक्सीलेंस इन पब्लिक हेल्थ अवार्ड’ प्रमुख रूप से शामिल हैं।



















