सिद्धविनायक टाइम्स शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से नई हेलीकॉप्टर सेवाओं का शुभारम्भ किया। इसके तहत संजौली से कुल्लू के भुंतर हवाई अड्डा और किन्नौर के रिकांगपिओ (आईटीबीपी हेलीपैड) के लिए रोजाना उड़ानें शुरू कर दी गई हैं। इसके अलावा, संजौली और चंडीगढ़ के बीच भी सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, शुक्रवार और शनिवार—हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन किया जाएगा। यात्रियों के लिए किराया संजौली से कुल्लू 3,500 रुपये, संजौली से रिकांगपिओ 4,000 रुपये और संजौली से चंडीगढ़ 3,169 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही संजौली से रामपुर और मणाली (सासे हेलीपैड) के लिए भी सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है और इसके लिए डीजीसीए को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह सेवा न केवल पर्यटन के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी बेहद लाभदायक होगी, क्योंकि इससे यात्रा समय कम होगा और सुविधा बढ़ेगी। साथ ही संजौली हेलीपोर्ट आईजीएमसी अस्पताल के पास स्थित है, जिससे मेडिकल इमरजेंसी में भी सहायता मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार हर जिले के मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट बनाने का काम कर रही है, जिनमें हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा के चार हेलीपोर्ट अगले मार्च-अप्रैल तक तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर हेलीपोर्ट पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे राज्य में उच्च वर्ग के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय लोगों की आय में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने ऐसे कई भवनों पर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए, जो आज बेकार पड़े हैं। संजौली हेलीपोर्ट का शिलान्यास 13 सितंबर 2017 को हुआ था और इसका निर्माण लगभग 15.86 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ था, लेकिन डीजीसीए की मंजूरी न मिलने के कारण सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। वर्तमान सरकार के प्रयासों से 7 अगस्त 2025 को उड़ानों की अनुमति मिली और अब सेवाओं का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली, विधायक नीरज नैय्यर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





















