शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने विधानसभा में विपक्ष की बातों को भी गंभीरता से सुना है और कई महत्वपूर्ण बिल पास किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, उन्हें भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें डीजल पर सेस बढ़ाने की बात कही जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है, हालांकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इस पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) न मिलने के कारण बजट पर असर पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने दल-बदल को लेकर लाए गए सख्त कानून का जिक्र करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि दूसरी पार्टी में जाता है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करता है। नए एक्ट से लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी और जो सदस्य पांच साल से पहले दल बदलेंगे, उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही एंट्री टैक्स में वाहनों के रेट कम रखे गए हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए पास व्यवस्था शुरू की जा रही है।
सीमावर्ती इलाकों में चल रहे आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि कुछ गतिविधियां गलत हैं, लेकिन सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करने का निर्णय ले लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि कई सर्वे में ओबीसी की संख्या कम दर्ज हो रही है, जिसे लेकर सरकार सतर्क है। साथ ही 31 मई से पहले पंचायती राज चुनाव करवाने की भी बात कही गई।
स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम केयर योजना के तहत एक पुरुष के ऑपरेशन के मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। अधिकारियों को भी उन्होंने नसीहत दी कि आपसी विवादों में पड़ने के बजाय जनता के काम पर ध्यान दें।
चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में 19 साल पुरानी एमआरआई मशीनों के स्थान पर अब पहली बार PET स्कैन मशीन लाई जा रही है। इससे गंभीर बीमारियों का सटीक पता लग सकेगा और मरीजों को इलाज के लिए चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश मेडिकल क्षेत्र में भी बेहतर स्थान हासिल करने की ओर अग्रसर है।

















