सिद्धिविनाय टाइम्स शिमला। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कॉमनवेल्थ के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के 28वें कॉन्फ्रेंस (CSPOC) 2026 में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र भारत की आत्मा है और यहां संवैधानिक जड़ें बहुत गहरी हैं, जो भारत की प्रगति का आधार हैं। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, डॉ. तुलिया एक्सन (इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रेसिडेंट), डॉ. क्रिस्टोफर कलिला (कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन के चेयरपर्सन), राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न कमेटियों के चेयरमैन एवं सांसद उपस्थित रहे।अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास के सभी मानकों पर खरा उतरते हुए हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। मोदी के नेतृत्व में सरकार ने लोकतंत्र में आस्था रखते हुए संवैधानिक तरीकों से जनकल्याण के कार्य को आगे बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोग अपनी ओछी राजनीति के चलते भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को अक्सर कटघरे में खड़ा करते हैं। भारत के चुनाव आयोग के कार्यों की दुनिया भर में प्रशंसा होती है, लेकिन राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए इसे भी कटघरे में लाने से नहीं चूकते।
यह भी पढ़ें:https://sidhivinayaktimes.com/machal-hit-by-nonstop-disasters-cm-to-demand-relief-from-centre/
अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति भारत में लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। मोदी सरकार के पिछले एक दशक के दौरान भारत कई बड़े वैश्विक आयोजनों का केंद्र बन चुका है। यह गर्व का विषय है कि भारत इस बार कॉमनवेल्थ के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के 28वें कॉन्फ्रेंस (CSPOC) 2026 का आयोजन कर रहा है। संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में 42 कॉमनवेल्थ देशों के 61 स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारी तथा चार सेमी-ऑटोनॉमस संसदों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जो CSPOC के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख समकालीन संसदीय मुद्दों जैसे स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की बदलती भूमिका, संसदीय कामकाज में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। इनका मकसद लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करना और विधायी प्रथाओं का आधुनिकीकरण करना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हर वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ के हितों को मजबूती से उठाता रहा है और अपनी G20 अध्यक्षता के दौरान भी ग्लोबल साउथ की चिंताओं को वैश्विक एजेंडे में शामिल किया है।





















