सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने आज शिमला में राज्य स्तरीय जल संरक्षण योजना का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पानी की सतत उपलब्धता और जल स्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह पहल राज्य के गांवों में प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण और जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने के लिए बनाई गई है। इस योजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में जलाशयों, तालाबों और कुंडों का नवीनीकरण किया जाएगा और वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में 50 ग्रामीण पंचायतों में परियोजना शुरू की जाएगी और अगले दो वर्षों में इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण समुदायों को इस योजना में शामिल कर उन्हें जल प्रबंधन और संरक्षण के तरीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा, योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे जल स्तर और उपयोग का वास्तविक समय में आकलन किया जा सके।राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए बजट और तकनीकी सहायता सुनिश्चित की है। योजना के पायलट क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे गांवों के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। इस तरह, हिमाचल प्रदेश जल संरक्षण योजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है।





















