सोलन: महर्षि मार्कण्डेश्वर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMU), कुमारहट्टी, सोलन में ‘विश्व क्षय रोग दिवस 2026’ के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में क्षय रोग (टीबी) के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और इसके विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।
विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आईजीएमसी शिमला के पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. मलय सरकार ने शिरकत की। उन्होंने दवा-प्रतिरोधी टीबी (Drug-Resistant TB) के प्रबंधन पर गहरा प्रकाश डालते हुए आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी। वहीं, एनटीईपी के नोडल अधिकारी प्रो. बलबीर सिंह ने हिमाचल प्रदेश में टीबी की वर्तमान स्थिति और सरकार द्वारा इसे जड़ से खत्म करने के लिए चलाई जा रही रणनीतियों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आईजीएमसी शिमला के पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. मलय सरकार ने शिरकत की। उन्होंने दवा-प्रतिरोधी टीबी (Drug-Resistant TB) के प्रबंधन पर गहरा प्रकाश डालते हुए आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी। वहीं, एनटीईपी के नोडल अधिकारी प्रो. बलबीर सिंह ने हिमाचल प्रदेश में टीबी की वर्तमान स्थिति और सरकार द्वारा इसे जड़ से खत्म करने के लिए चलाई जा रही रणनीतियों के बारे में विस्तार से बताया।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस गरिमामयी अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मनप्रीत नंदा, उप-प्राचार्य प्रो. जे. एस. संधू और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. के. के. सिंगल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में श्वसन रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. दीपक कालराऔर सामुदायिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. हर्षदीप जोशीकी अहम भूमिका रही।
इस गरिमामयी अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मनप्रीत नंदा, उप-प्राचार्य प्रो. जे. एस. संधू और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. के. के. सिंगल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में श्वसन रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. दीपक कालराऔर सामुदायिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. हर्षदीप जोशीकी अहम भूमिका रही।
टीबी चैंपियंस ने जगाई उम्मीद
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण पैनल चर्चा रही, जिसका संचालन डॉ. ध्रुव चौहान और डॉ. शिफा ने किया। इस दौरान टीबी रोग को मात दे चुके ‘टीबी चैंपियंस’ ने अपनी आपबीती साझा की, जिससे उपस्थित छात्रों और स्टाफ को प्रेरणा मिली कि सही समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह हराया जा सकता है।
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण पैनल चर्चा रही, जिसका संचालन डॉ. ध्रुव चौहान और डॉ. शिफा ने किया। इस दौरान टीबी रोग को मात दे चुके ‘टीबी चैंपियंस’ ने अपनी आपबीती साझा की, जिससे उपस्थित छात्रों और स्टाफ को प्रेरणा मिली कि सही समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह हराया जा सकता है।
विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं
जागरूकता अभियान के तहत मेडिकल छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और विशेषज्ञ संवाद सत्रों का भी आयोजन किया गया। एमएमयू सोलन ने इस आयोजन के माध्यम से टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समय पर जांच व प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों पर बल दिया।
जागरूकता अभियान के तहत मेडिकल छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और विशेषज्ञ संवाद सत्रों का भी आयोजन किया गया। एमएमयू सोलन ने इस आयोजन के माध्यम से टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समय पर जांच व प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों पर बल दिया।


















