सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के पलासला ग्राम पंचायत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर या समाप्त करने का प्रयास देश के गरीब और ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन और काम के अधिकार की गारंटी रही है। मनरेगा के कारण ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मजदूरों को अपने गांव में ही काम मिला और पलायन पर रोक लगी। राजेश धर्माणी ने याद दिलाया कि इस ऐतिहासिक योजना को कांग्रेस की पूर्व नेतृत्व सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने लागू किया था, जिससे गरीबों को स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अवसर मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा को निष्प्रभावी करने या खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे ग्रामीण गरीबों का काम का अधिकार खतरे में पड़ जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ “मनरेगा बचाओ महासंग्राम” अभियान चलाएगी और इसे पंचायत स्तर तक विस्तार देगी। इस अभियान के माध्यम से गरीब, मजदूर और भूमिहीन किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा तथा केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब किया जाएगा। राजेश धर्माणी ने कहा कि भाजपा ने देश में धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम किया है, जबकि कांग्रेस हमेशा सामाजिक न्याय और समानता के पक्ष में रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस जनआंदोलन में कांग्रेस का साथ दें और मनरेगा को बचाने की लड़ाई को मजबूत बनाएं।
















