मुख्यमंत्री सुक्खू ने उपायुक्तों को औचक निरीक्षण, छात्रों से संवाद और 80% पूर्ण विकास कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा
शिमला :मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ‘अपना विद्यालय- हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ के अंतर्गत गोद लिए गए स्कूलों की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में ठोस सुधार हो सके।
एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए सभी विद्यालयों की सूची 5 जनवरी 2026 तक सरकार को प्रस्तुत की जाए
शुक्रवार सायं उपायुक्तों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए सभी विद्यालयों की सूची 5 जनवरी 2026 तक सरकार को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जिला और उप-मंडल स्तर के अधिकारी शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों में सुधार के उद्देश्य से स्कूलों को गोद ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी कम से कम चार-चार स्कूल गोद लेंगे। ये अधिकारी प्रत्येक माह स्कूलों का दौरा कर छात्रों से संवाद करेंगे और उन्हें करियर मार्गदर्शन व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित जानकारी देंगे। इसके साथ ही गोद लिए गए स्कूलों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश भर में 4,231 स्कूल इस कार्यक्रम के अंतर्गत गोद लिए जा चुके हैं, जिनमें प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। स्कूल पैट्रनर के रूप में अधिकारी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समितियों के साथ मिलकर शैक्षणिक गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कमजोर वर्ग के बच्चों को सही दिशा देना और शिक्षा सुधार के लिए आवंटित संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए
उन्होंने अधिकारियों से स्कूलों के नियमित दौरे करने पर बल देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक किया जा सकेगा और उनमें राष्ट्रीय मूल्यों की भावना को मजबूत किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी जिलों से चिट्टा तस्करों से जुड़ी अवैध संपत्तियों का विस्तृत विवरण मांगा और स्पष्ट किया कि ऐसी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा तथा अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। साथ ही, इस अवैध कारोबार में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी समयबद्ध और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को उन विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जिनका निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। इसके लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया। विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए वन भूमि से संबंधित स्वीकृति प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के चयन से संबंधित विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की और इस विषय पर पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।





















