भारतीय रेल ने अपने विद्युतीकरण अभियान में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल रेल नेटवर्क का लगभग 99.2 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है। यह प्रगति भारतीय रेल को दुनिया के सबसे अधिक विद्युतीकृत रेल नेटवर्कों में शामिल करती है। इस संबंध में जानकारी प्रेस सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी प्रेस नोट में दी गई है।
नवंबर 2025 तक भारतीय रेल के कुल 69,427 रूट किलोमीटर क्षेत्र में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। खास बात यह है कि वर्ष 2014 के बाद से इस क्षेत्र में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली है। बीते एक दशक में करीब 46,900 रूट किलोमीटर रेल लाइन को विद्युतीकृत किया गया, जो इससे पहले के वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है।
तेजी से बदली कार्य गति
प्रेस नोट के अनुसार, 2004 से 2014 के बीच प्रतिदिन औसतन केवल 1.4 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण होता था। वहीं 2019 से 2025 के दौरान यह गति बढ़कर प्रतिदिन 15 किलोमीटर से अधिक हो गई। यह बदलाव बेहतर योजना, तकनीकी सुधार और मजबूत निगरानी व्यवस्था का परिणाम माना जा रहा है।
राज्यों में व्यापक कवरेज
देश के 25 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं जहां शत-प्रतिशत रेल विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। शेष पांच राज्यों में केवल लगभग 574 रूट किलोमीटर का कार्य बाकी है, जो कुल नेटवर्क का मात्र 0.8 प्रतिशत है। कुछ बड़े राज्यों में भी विद्युतीकरण लगभग पूर्णता के करीब पहुंच चुका है।
पर्यावरण और ऊर्जा के लिए लाभकारी
रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण से डीजल इंजनों पर निर्भरता कम हुई है, जिससे ईंधन आयात में कमी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिली है। यह कदम न केवल परिवहन लागत को घटाने में सहायक है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम है।
सौर ऊर्जा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
भारतीय रेल ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नवंबर 2025 तक रेलवे ने 898 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित कर ली है जबकि 2014 में यह आंकड़ा केवल 3.68 मेगावाट था। वर्तमान में देशभर के 2,600 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर सौर पैनल लगाए जा चुके हैं। उत्पादित सौर ऊर्जा का बड़ा हिस्सा ट्रेन संचालन में और शेष स्टेशन व अन्य रेल परिसरों की जरूरतों में उपयोग किया जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति
लगभग पूर्ण विद्युतीकरण के साथ भारतीय रेल अब वैश्विक स्तर पर अग्रणी देशों की श्रेणी में आ गई है। कई विकसित देशों की तुलना में भारत ने कम समय में यह लक्ष्य हासिल किया है, जिसे बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
आगे की योजना
भारतीय रेल का लक्ष्य शेष बचे छोटे-मोटे खंडों का भी शीघ्र विद्युतीकरण पूरा करना और ऊर्जा दक्षता को और बेहतर बनाना है। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाकर रेलवे को पूरी तरह स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
यह उपलब्धि न केवल रेलवे के आधुनिकीकरण की मिसाल है, बल्कि देश के पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





















