सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बागवानी विभाग की एक विशेष बैठक में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के अंतर्गत कुल 51.42 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई, जबकि सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में सामान्य श्रेणी के लिए 60 लाख रुपये और अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 9.87 लाख रुपये की प्रस्तावित योजना को भी हरी झंडी मिली। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बागवानी क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, बारिश और बर्फवारी की कमी से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव शामिल है। उन्होंने बताया कि कई बागवान अब पारंपरिक सेब और फूलों की फसलों के बजाय वैकल्पिक फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, और इसी क्रम में विभाग शिलारू में ब्लूबेरी की फसल के ट्रायल पर कार्य कर रहा है। उपायुक्त ने कहा कि ब्लूबेरी की मांग बाजार में काफी अधिक है और इसकी खेती में कम लागत तथा बेहतर आय की संभावना है। उन्होंने कहा कि विभाग ने इसके लिए स्थान चयनित कर लिया है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, उन्होंने बिना लाइसेंस के पौधे सप्लाई करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया।
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उन्होंने बागवानी विभाग के फील्ड स्टाफ को यह जिम्मेदारी दी कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाएं ताकि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आजीविका मजबूत कर सकें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों के पास भूमि होने के बावजूद कई बार उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि सरकारी योजनाओं से उनकी जमीन को आय का निरंतर साधन कैसे बनाया जा सकता है और कौन-सी फसल उनके क्षेत्र के लिए उपयुक्त है। ऐसे में विभाग के कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर इन कार्यों को करना चाहिए। बैठक में एचडीओ रीना कश्यप, एसएमएस प्रदीप कुमार हिमराल, एडीओ प्रदीप कुमार, एचईओ अंकिता, एलडीएम यूको बैंक कुलवंत राय, डॉ. रेश्मा नेगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




















