सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ के पद भरने और 600 असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की भर्ती को मंजूरी देकर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का फैसला किया। साथ ही, उच्च चिकित्सा योग्यता प्राप्त फैकल्टी डॉक्टरों को बेसिक वेतन का 20 प्रतिशत प्रोत्साहन देने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों में रिक्त पद भरने, ग्रामीण विकास विभाग में खंड विकास अधिकारियों की भर्ती तथा जल शक्ति विभाग में जॉब ट्रेनी और जूनियर इंजीनियरों के पदों को भरने को हरी झंडी दी गई। शिक्षा क्षेत्र में सुधार के तहत सीबीएसई स्कूलों के लिए एक समर्पित सब-कैडर बनाने और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में फंक्शनल इक्विवेलेंस मॉडल अपनाने का निर्णय लिया गया।
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सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के दायरे को बढ़ाते हुए दिव्यांग अभिभावकों और परित्यक्त बच्चों को शामिल करने का फैसला किया गया। मंत्रिमंडल ने शीतलपुर में विश्व स्तरीय टाउनशिप, घुमारवीं में नवाचार और कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना, मिल्क प्रोसेसिंग और डेयरी अधोसंरचना के विस्तार, नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना तथा रियल एस्टेट और ऊर्जा नीति में संशोधन जैसे फैसलों को भी मंजूरी दी। इसके साथ ही, आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने, चरवाहों की आजीविका सुधारने, छोटे दुकानदारों को राहत देने और अनुकंपा आधार पर रोजगार प्रदान करने जैसे निर्णयों के माध्यम से सरकार ने समावेशी और संतुलित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।





















