संसद में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री Anurag Singh Thakur ने केंद्र सरकार के बजट की प्रशंसा करते हुए इसे जनकल्याणकारी और सर्वसमावेशी बताया। भाजपा की ओर से अपने विचार रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman को इस बजट के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत यह लगातार नौवां बजट है और यह भी पूर्व बजटों की तरह दूरदर्शी और विकासोन्मुख है। उनके अनुसार, यह बजट देश के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसे “नवरत्न” की संज्ञा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के बजट जमीनी जरूरतों पर आधारित होते हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के बजट अधिकतर राजनीतिक दस्तावेज साबित हुए।
विकास और पूंजीगत निवेश पर जोर
अनुराग ठाकुर ने बताया कि बजट में बैंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, पर्यटन, रक्षा, ऊर्जा, रेलवे और परिवहन जैसे 12 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके अनुसार, सरकार अल्पकालिक लोकप्रियता के बजाय दीर्घकालिक विकास पर ध्यान दे रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार
स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पहले देश में केवल सात एम्स थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 23 हो गई है। साथ ही मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 706 हो गई है और एमबीबीएस सीटें 51 हजार से बढ़कर 1.07 लाख तक पहुंच गई हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों परिवारों को उपचार का लाभ मिला है।
अर्थव्यवस्था पर विपक्ष को जवाब
अनुराग ठाकुर ने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि भारत को कमजोर अर्थव्यवस्था बताना वास्तविकता से परे है। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख बढ़ी है। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति की भी आलोचना की और कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
एआई आधारित भविष्य की तैयारी
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य “AI for All” है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लाभ किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों तक पहुंचे। सरकार ने डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं को अगले 20 वर्षों तक कर छूट देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे भारत को एआई सक्षम राष्ट्र बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत को एआई इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है और इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान करता है और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।





















