कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। अब भाजपा नेता कर्ण नंदा का आरोप है कि मुफ्त बिजली देना तो दूर, सरकार ने पुरानी 125 यूनिट की सब्सिडी भी छीन ली है। इसके कारण आम जनता को न्यूनतम 750 रुपये तक के भारी-भरकम बिल मिल रहे हैं। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ बड़े उद्योगों पर बिजली ड्यूटी बढ़ाकर 37.5 प्रतिशत कर दी है। इसके अलावा व्यावसायिक संस्थानों जैसे होटल, मॉल और अस्पतालों पर भी 1 रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त सेस लगा दिया है। भाजपा का कहना है कि इन फैसलों से हिमाचल प्रदेश देश का सबसे महंगा राज्य बनता जा रहा है और मध्यम वर्ग तथा गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
















