सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। धर्मशाला में एक कॉलेज छात्रा की मौत के मामले ने प्रशासन और पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी है। कथित रैगिंग के बाद छात्रा के निधन की असली वजह जानने के लिए अब कांगड़ा पुलिस ने मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्णय लिया है। पुलिस ने टांडा मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाने का अनुरोध किया है, जो छात्रा के संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड की विस्तार से जांच करेंगे। पुलिस ने पीड़िता के इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज एकत्र कर लिए हैं, जिनमें धर्मशाला के जोनल अस्पताल, टांडा मेडिकल कॉलेज, पालमपुर और पंजाब के पठानकोट व लुधियाना के अस्पताल शामिल हैं।
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इसके अलावा, मृत छात्रा का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल शिमला भेजा गया है। पुलिस ने एक जनवरी को सरकारी कॉलेज धर्मशाला की तीन छात्राओं के खिलाफ रैगिंग और एक प्रोफेसर के खिलाफ शारीरिक उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था। डीआईजी नॉर्थ रेंज सौम्या संबासिवन ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की जांच से छात्रा की मौत की असली वजह का खुलासा होगा और मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।





















