धर्मशाला
सुधेड़ में 100 टन रोज हो रही कचरे की प्रोसेसिंग
जून तक पुराना कूड़ा हटाकर ईको पार्क बनाने की तैयारी- जफर इकबाल
एंकर – नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त जफर इकबाल ने कहा कि सुधेड़ स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग साइट को लेकर लोगों में गलतफहमी है। यह साइट अब डंपिंग साइट नहीं है। यहां पुराने डंप से बने लेगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग के साथ-साथ शहर से आने वाले फ्रेश वेस्ट को भी वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जा रहा है।
इंटरव्यू में आयुक्त जफर इकबाल ने बताया कि सुधेड़ में एक लाख टन से अधिक पुराना लेगेसी वेस्ट मौजूद था, जिसमें से पिछले दो वर्षों में करीब 60 से 70 प्रतिशत कचरा हटाया जा चुका है। बचे हुए पुराने कचरे की एक्सकेवेशन और प्रोसेसिंग का काम लगातार जारी है। इसकी प्रोसेसिंग से RDF तैयार किया जा रहा है, जिसे साइट से बाहर भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि साइट की क्षमता पहले करीब 50 टन प्रतिदिन थी, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए इसे बढ़ाकर करीब 100 टन प्रतिदिन कर दिया गया है। हालांकि बारिश के दौरान काम की रफ्तार प्रभावित होती है। फ्रेश वेस्ट की प्रोसेसिंग में बारिश के कारण दिक्कत न आए, इसके लिए टिपिंग फ्लोर को कवर करने के लिए छत भी तैयार की गई है।
आयुक्त ने कहा कि साइट की अप्रोच रोड भी पक्की कर दी गई है, जिससे RDF ले जाने वाले ट्रकों की आवाजाही सुचारू हो सके और प्रोसेसिंग की क्षमता बढ़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मशाला शहर से उठाकर लाए जाने वाले फ्रेश वेस्ट को वहां डंप नहीं किया जाता, बल्कि उसकी प्रोसेसिंग की जाती है।
जफर इकबाल ने कहा कि निगम का लक्ष्य है कि अगले वर्ष जून तक सुधेड़ में बचा हुआ लेगेसी वेस्ट पूरी तरह हटा दिया जाए। इसके बाद खाली होने वाली जगह पर ईको पार्क विकसित करने की योजना है, जिससे शहर को एक बेहतर और स्वच्छ स्थान मिल सके।
बाइट – जफर इकबाल , आयुक्त , नगर निगम धर्मशाला
















