शिमला/किन्नौर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के मेरा युवा भारत (माय भारत) तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के संयुक्त तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के सीमावर्ती गांवों में आयोजित विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026 के दूसरे दिन विभिन्न गतिविधियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
दिन की शुरुआत प्रतिभागियों के लिए आयोजित योग सत्र से हुई, जिसमें शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर विशेष बल दिया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने गोद लिए गए गांवों में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का संदेश दिया।
प्रतिभागियों ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ संवाद कर ग्रामीण प्रशासन, विकास योजनाओं तथा क्षेत्र की विशिष्ट सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी प्राप्त की। इसके अतिरिक्त गांवों और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और सामरिक महत्व को नजदीक से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के सफल संचालन में आईटीबीपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बल के अधिकारियों और जवानों ने गतिविधियों के समन्वय तथा प्रतिभागियों और स्थानीय समुदायों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने में सहयोग प्रदान किया।
स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत के दौरान प्रतिभागियों ने पारंपरिक सिंचाई प्रणालियों, बागवानी आधारित आजीविका और क्षेत्र में अपनाई जा रही सतत विकास की पद्धतियों के बारे में जानकारी हासिल की। इस संवाद ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को और मजबूत किया।
दिन का एक प्रमुख आकर्षण सांस्कृतिक आदान-प्रदान रहा, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों और देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी अनूठी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक संध्या में किन्नौर के पारंपरिक लोक नृत्यों तथा गीतों की गूंज देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर, प्रतिभागियों ने भी अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की। इस साझा मंच ने विभिन्न संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत कर दिया।
आने वाले दिनों में कार्यक्रम के तहत स्थानीय युवाओं के लिए रोजगारपरक कौशल और होमस्टे प्रबंधन पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं को आत्मनिर्भर और साहसी बनाने के लिए विशेष ट्रैकिंग और क्लाइंबिंग इवेंट जैसे साहसिक खेल भी होंगे। ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार की ऑनलाइन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए डिजिटल साक्षरता जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे। यह तीन दिवसीय आयोजन न केवल सीमावर्ती गांवों के विकास को गति दे रहा है, बल्कि देश के शहरी और ग्रामीण युवाओं के बीच एक मजबूत भावनात्मक सेतु का निर्माण भी कर रहा है।


















