केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत ₹942 तक पहुंच गई है। पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे परिवारों को एक और बड़ा झटका लगा है।
इस मूल्य वृद्धि का सबसे ज्यादा असर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों पर पड़ रहा है, जहां लाखों परिवार पूरी तरह रसोई गैस पर निर्भर हैं। आय में वृद्धि न होने और राशन, बिजली तथा अन्य घरेलू खर्चों के लगातार बढ़ने के कारण गृहिणियों के लिए महीने का बजट संभालना अब बेहद मुश्किल होता जा रहा है।
हालांकि सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए थे, लेकिन अब सिलेंडरों की आसमान छूती कीमतों की वजह से कई ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इन्हें दोबारा भरवाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहां विपक्षी दलों ने सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने और पेट्रोल, डीजल व गैस पर भारी टैक्स लगाकर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया है।

















