शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की आचार संहिता लागू होने के बाद भी सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में जनकल्याणकारी योजनाएं लाने पर विवाद खड़ा हो गया है। आज भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश चुनाव प्रकोष्ठ के संयोजक जे.सी. शर्मा के नेतृत्व में राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात की और सरकार पर चुनावी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत सौंपी। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा जिला अध्यक्ष केशव चौहान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने के बावजूद सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई। इस बैठक में नई भर्तियों, वित्तीय लाभ देने, वेतन बढ़ाने, पेंशन और कई नई लोक-लुभावन घोषणाओं को मंजूरी दी गई। जे.सी. शर्मा ने कहा कि ऐन चुनावों के वक्त लिए गए ये फैसले सीधे तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हैं, जो आदर्श चुनाव आचार संहिता की भावना के पूरी तरह खिलाफ है।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मांग की है कि कैबिनेट बैठक में लिए गए सभी निर्णयों और उनकी अधिसूचनाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा इन घोषणाओं को चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक स्थगित रखा जाए। उन्होंने आयोग को याद दिलाया कि राज्य में निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराना उसकी जिम्मेदारी है, इसलिए नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं।





















