शिमला, 20 मई: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बंगलुरू में आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों के बीच राज्य में प्राकृतिक खेती और बेसहारा गौवंश के संरक्षण को लेकर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आश्रम का भ्रमण कर वहां कार्यरत हिमाचल के लोगों का कुशलक्षेम जाना और परिसर में गौसेवा भी की।
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही है और इस तकनीक से पैदा होने वाली फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी दे रही है। इससे उपभोक्ताओं को बाजार में रसायनमुक्त उत्पाद मिल रहे हैं और किसानों को भी अपनी उपज के बेहतर दाम मिल रहे हैं। गौवंश के संरक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ‘गोपाल योजना’ के तहत निजी गौ-सदनों के लिए अनुदान राशि को 700 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके साथ ही बजट 2026-27 में बेसहारा पशुओं के पुनर्वास के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत अब स्वयंसेवी संस्थाओं और उद्योग समूहों को सरकारी गौ-सदन या अभ्यारण्य गोद लेने की अनुमति दी जाएगी। श्री श्री रविशंकर ने पर्यावरण और गौ-संरक्षण के क्षेत्र में हिमाचल सरकार के इन प्रयासों की सराहना की।



















