पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ ने आज द्वितीय वार्षिक ‘सारथी दिवस’ मनाकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह आयोजन सारथी (Students’ Alliance for Responsible Action to Transform Healthcare Institutes) के दो सफल वर्षों के उपलक्ष्य में किया गया, जो संस्थान में रोगी देखभाल और सहायता प्रणाली को बेहतर बनाने वाली एक अनूठी स्वयंसेवी पहल है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन, एच. राजेश प्रसाद, आईएएस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि सचिव शिक्षा, चंडीगढ़ प्रशासन, प्रेरणा पुरी, आईएएस विशिष्ट अतिथि रहीं। कार्यक्रम में पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल, उप निदेशक (प्रशासन) पंकज राय, आईएएस, डीन (अनुसंधान) प्रो. संजय जैन तथा चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अशोक कुमार भी शामिल हुए।
सभागार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि सारथी सहानुभूति, करुणा, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुभवात्मक सीख के चार सशक्त स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बड़े अस्पतालों की जटिल व्यवस्थाओं के बीच ये युवा स्वयंसेवक सच्चे ‘सारथी’ बनकर मरीजों को संवेदनशीलता के साथ राह दिखाते हैं। उनके अनुसार, छात्रों को यहाँ केवल कौशल ही नहीं मिलता, बल्कि जीवनभर के लिए उनके व्यक्तित्व और हृदय में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
प्रो. विवेक लाल ने स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि ये छात्र केवल मरीजों की सहायता नहीं कर रहे, बल्कि वे मानवता के सर्वोत्तम रूप को स्वयं सीख रहे हैं और संस्थान की आत्मा बन गए हैं। पंकज राय ने पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि कैसे इस पहल ने ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं में भीड़ प्रबंधन को सुगम बनाया है।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन भविष्य में इस सेवा भाव को और अधिक विस्तार देने के संकल्प के साथ हुआ।



















