बंजार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तीर्थन घाटी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुशैनी को बीती बरसात में क्षतिग्रस्त हुए आज छ: माह से अधिक का समय बीत चुका है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश सरकार अब तक इस विद्यालय के पुनर्निर्माण हेतु F.R.A. (Forest Approval) तक सुनिश्चित नहीं कर पाई है।
यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। पिछले छ: माह से छात्र-छात्राएं अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी शिक्षा पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि इस विद्यालय में साढ़े चार सौ से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
सरकार भले ही बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई है।
इस विषय को लेकर आज विधानसभा सत्र के दौरान बंजार विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुरेंद्र शौरी ने सदन में अपनी बात मजबूती से रखी। उन्होंने कहा कि गुशैनी स्कूल का भवन बीती बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया था और तब से विद्यालय अस्थायी रूप से एक स्थानीय युवक के मकान में संचालित किया जा रहा है। यह व्यवस्था केवल इस उम्मीद पर चल रही है कि सरकार अपने आश्वासनों के अनुरूप शीघ्र ही नए भवन का निर्माण सुनिश्चित करेगी।
विधायक शौरी ने यह भी कहा कि सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री विद्यालय का दौरा कर चुके हैं, लेकिन आज दिन तक स्कूल भवन के निर्माण के लिए वन विभाग से आवश्यक वन अनापत्ति (F.R.A.) प्राप्त नहीं हो पाई है, जो सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
उन्होंने मांग की कि आपदा से प्रभावित सभी शिक्षण संस्थानों में आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल शुरू किया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। साथ ही उन्होंने वर्तमान में गुशैनी स्कूल के लिए की गई व्यवस्था को विस्तारित करने व मकान मालिक को उचित किराया राशि देने की बात कही है।




















