शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें तथ्यों के साथ बात करने की चुनौती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेता पिछले कुछ समय से सरकार पर आधारहीन और बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष के पास उनके आरोपों के पक्ष में कोई भी पुख्ता सबूत है, तो उन्हें इधर-उधर बयानबाजी करने के बजाय उन सबूतों को विधानसभा के पटल पर रखना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
प्रदेश की आर्थिक और बुनियादी समस्याओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में कमर्शियल एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गैस की इस कमी का सीधा असर हिमाचल के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है, जो राज्य की आर्थिकी की रीढ़ है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस गंभीर विषय को लेकर वे निरंतर केंद्र सरकार के संपर्क में हैं और जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सदन में पेश किए गए अनुपूरक बजट का बचाव करते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर निवेश किया है और अब किसी भी नई परियोजना को कम से कम 30 फीसदी शुरुआती बजट के साथ ही शुरू किया जा रहा है ताकि काम बीच में न रुके। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बजट में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने के कारण राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।
वहीं, एक सकारात्मक विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने शिपकी-ला के रास्ते तिब्बत के साथ व्यापार दोबारा शुरू होने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण यह संभव हो पाया है। उन्होंने जानकारी दी कि अकेले किन्नौर क्षेत्र में अब तक लगभग 50 हजार सैलानी पहुँच चुके हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन कारोबार को नई संजीवनी मिली है और आने वाले समय में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।



















