धर्मशाला, 17 मार्च। द कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के 106वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर बैंक के प्रबंध निदेशक जफर इकबाल ने एक नई ऋण योजना “कांगड़ा बैंक ई-वाहन ऋण योजना” के शुभारंभ करते हुए कहा कि यह योजना व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहनों की खरीद हेतु वित्तपोषण प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। द कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के धर्मशाला स्थित मुख्य कार्यालय के सभागार में स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रबंध निदेशक जफर इकबाल ने कहा कि यह योजना, बाजार में सबसे कम ब्याज दरों में से प्रदान करती है। यह इसे सभी वर्गों के ग्राहकों के लिए अत्यंत आकर्षक और किफायती बनाती है इसमें ब्याज दर पर साढ़े सात प्रतिशत निर्धारित की गई है। यह योजना सरकारी कर्मचारियों, निजी व्यक्तियों, पेशेवरों, व्यापारियों, किसानों और अन्य पात्र उधारकर्ताओं के लिए उपलब्ध रहेगी।
उच्च ऋण पात्रता भी निर्धारित की गई है जिसमें सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन का 40 गुना तक, गैर-वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए वार्षिक आय का 2 गुना तक, कम मार्जिन की आवश्यकता वाहन की लागत का न्यूनतम प्रतिशत रहेगा इसके साथ ही पुनर्भुगतान अवधि 7 वर्ष तक निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि वाहन ऋण श्रेणी को और बढ़ावा देने तथा नवरात्रि के शुभ त्योहार के दौरान ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से, बैंक ने हाल ही में अपने मौजूदा वाहन ऋण उत्पादों पर ब्याज दर को आठ प्रतिशत से घटाकर 7ः.6 प्रतिशत कर दिया है। इस विशेष त्योहारी छूट से अधिक ग्राहकों को वाहन ऋण लेने और किफायती वित्तपोषण विकल्पों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित होने की उम्मीद है।
कांगड़ा बैंक का बेहतर हुआ वित्तीय प्रदर्शन’
प्रबंध निदेशक जफर इकबाल ने कहा कि वित्तीय मोर्चे पर, द कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने एक स्थिर और बेहतर होती वित्तीय स्थिति प्रदर्शित की है। बैंक की कुल जमा राशि 31.03.2025 को 14,888.67 करोड़ रूपये से बढ़कर 15.03.2026 को 15,663.31 करोड़ रूपये हो गई है, जो ग्राहकों के मजबूत विश्वास और जमा संग्रहण में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है। एडवांस के मामले में, लोन पोर्टफोलियो 31.03.2025 को 4,424.02 करोड़ रूपये और 15.03.2026 को 4,299.70 करोड़ रूपये रहा, जो गुणवत्ता पर केंद्रित लोन देने के दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह दृष्टिकोण बैंक के एनपीए कम करने के रणनीतिक उद्देश्य के अनुरूप है, जिसका स्पष्ट लक्ष्य धीरे-धीरे जीरो नेट एनपीए हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना है, जिससे संस्था की समग्र वित्तीय सेहत मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि बैंक ने एसेट की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार हासिल किया है। नेट एनपीए 31.03.2025 को 212.13 करोड़ रूपये 5ः.62 से घटकर फरवरी 2026 तक 112.09 करोड़ रूपये 3ः10 रह गया है, जो प्रभावी रिकवरी उपायों और समझदारी भरे क्रेडिट जोखिम प्रबंधन को दर्शाता है।



















