जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह अपने बयानों से हर दिन खुद की किरकिरी करवा रहे हैं और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री यह कह रहे हैं कि पंचायत चुनाव समय पर हो रहे हैं और चुनाव में देरी इसलिए की गई ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा था तो Himachal Pradesh High Court और Supreme Court of India में सरकार द्वारा दिए गए हलफनामों में इस बात का जिक्र क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि पहले सरकार डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर चुनाव टाल रही थी और अब परीक्षाओं और पढ़ाई का कारण बता रही है। जयराम ठाकुर ने सवाल किया कि क्या अदालतों में दिए गए सरकार के हलफनामे झूठे थे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव करीब चार महीने की देरी से हो रहे हैं। अधिकांश पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो चुका था, लेकिन सरकार चुनाव टालने के बहाने बनाती रही।
उन्होंने कहा कि एक याचिका की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद सरकार यह मामला सुप्रीम कोर्ट ले गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी 30 मई तक चुनाव करवाने के स्पष्ट निर्देश दिए, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में जो चुनाव हो रहे हैं, वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के कारण हो रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री का यह कहना कि चुनाव समय पर हो रहे हैं, अपने आप में हास्यास्पद है।
उन्होंने प्रदेश में बाहरी वाहनों पर बढ़ाई गई एंट्री फीस को लेकर भी सरकार के तर्कों को अव्यावहारिक बताया।


















