सिद्धविनायक टाइम्स शिमला। धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. नरेश बंसल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को देश की आधारभूत संरचना और समावेशी विकास को समर्पित बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट रेलवे, विमानन, जल परिवहन, एमएसएमई, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक निवेश का रोडमैप प्रस्तुत करता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत 53.5 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को उन्होंने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह लगातार नौवां बजट है, जो आर्थिक स्थिरता और विकास की निरंतरता को दर्शाता है। उन्होंने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने, कर्ज-जीडीपी अनुपात में संतुलन और राज्यों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने जैसे कदमों को वित्तीय अनुशासन का प्रमाण बताया। डॉ. बंसल ने कहा कि बजट में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 10 हजार करोड़ रुपये के एमएसएमई ग्रोथ फंड, महिला सशक्तिकरण के तहत प्रत्येक जिले में छात्रावास स्थापना और पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को सशक्त करने जैसी घोषणाएं दूरगामी प्रभाव डालेंगी। उन्होंने ‘लकपति दीदी’ जैसी पहलों को महिलाओं को स्वरोजगार से उद्यमिता की ओर ले जाने वाला कदम बताया।
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साथ ही पर्यावरण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्वतीय ट्रेल्स के विकास और टूर गाइड्स के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जहां उत्तराखंड ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है, वहीं हिमाचल में वित्तीय चुनौतियां बढ़ी हैं। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की नीतियां दीर्घकालिक विकास, नियंत्रित महंगाई और गरीब कल्याण पर केंद्रित हैं, जिससे देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। इस अवसर पर स्थानीय भाजपा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

















