कांगड़ा, 12 फरवरी 2026: एक विशेष विशेषज्ञ संवाद कार्यक्रम के तहत, प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन एवं स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अमित जोशी और डॉ. अमित भारद्वाज ने आज ब्रेन और स्पाइन से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों तथा आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से मरीजों के उपचार परिणामों में हो रहे महत्वपूर्ण सुधारों पर चर्चा की। इस सत्र का मुख्य फोकस शुरुआती लक्षणों की पहचान, उन्नत उपचार विकल्पों और पारंपरिक ओपन सर्जरी से मिनिमली इनवेसिव एवं तकनीक आधारित प्रक्रियाओं की ओर हो रहे बदलाव पर रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में विशेषज्ञों ने ब्रेन और स्पाइन से संबंधित बीमारियों के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानने की आवश्यकता पर जोर दिया। इनमें लगातार कमर दर्द, कमजोरी, सुन्नपन, संतुलन में कमी, लंबे समय तक रहने वाला सिरदर्द तथा बोलने या देखने में बदलाव जैसे लक्षण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि समय पर डॉक्टर से परामर्श और प्रारंभिक जांच से उपचार की सफलता और मरीजों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
पैनल ने वर्तमान में उपलब्ध विभिन्न उपचार विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की, जिनमें कंजरवेटिव मैनेजमेंट, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी और अत्याधुनिक ब्रेन सर्जरी तकनीकें शामिल हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि हर मरीज के लिए उपचार का निर्णय उसकी स्थिति, संपूर्ण स्वास्थ्य और बीमारी की गंभीरता के आधार पर व्यक्तिगत रूप से लिया जाता है।
स्पाइन सर्जरी में हो रहे बदलावों पर बात करते हुए डॉक्टरों ने पारंपरिक ओपन सर्जरी से मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की ओर हो रहे स्पष्ट परिवर्तन को रेखांकित किया, जिससे टिश्यू डैमेज कम होता है, रक्तस्राव घटता है, अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है और मरीज तेजी से स्वस्थ होता है। उन्नत इमेजिंग और नेविगेशन तकनीकों के उपयोग से सर्जरी की सटीकता और सुरक्षा में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ब्रेन सर्जरी में हो रही प्रगति पर प्रकाश डालते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि नेविगेशन-गाइडेड और एंडोस्कोपिक तकनीकों के माध्यम से अब अधिक सटीकता के साथ सर्जरी संभव हो पाई है, जिससे महत्वपूर्ण मस्तिष्क संरचनाओं को नुकसान का जोखिम न्यूनतम रहता है। इन नवाचारों से उपचार परिणाम बेहतर हुए हैं, रिकवरी समय कम हुआ है और मरीजों का समग्र अनुभव भी बेहतर बना है।
सत्र का समापन एक इंटरएक्टिव मीडिया चर्चा के साथ हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने मरीजों में जागरूकता, सुरक्षा और सूचित निर्णय लेने के महत्व को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्नत तकनीकों के बावजूद हर मरीज को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती और विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श अत्यंत आवश्यक है।
यह पहल ब्रेन और स्पाइन स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों को समय पर चिकित्सकी आवश्यक है I

















