सिद्धिविनायक टाइम्स शिमला। धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता संजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते पश्चिम बंगाल को जानबूझकर देश की मुख्यधारा से अलग-थलग किया जा रहा है, जिससे वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। संजय शर्मा ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शांतिपूर्वक और संवैधानिक ढंग से चल रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इसे रोकने के लिए हिंसा, दबाव और भय का वातावरण बनाया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव से जुड़े अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं और उन पर इतना मानसिक दबाव डाला जा रहा है कि वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 110 के बीएलओ अशोक दास के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि वे एक ईमानदार अधिकारी थे, जो संविधान के अनुसार अपने कर्तव्य निभा रहे थे। इसी कारण उन्हें धमकियां दी गईं और अवैध घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
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लगातार दबाव और भय के माहौल के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली, जिसकी शिकायत उनकी पत्नी ने दर्ज कराई है। संजय शर्मा ने कहा कि बीडीओ कार्यालय पर हुआ हमला और उसमें सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं का विरोध कर रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल में खून बह रहा है, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कुचला जा रहा है और यह सब सत्ता के संरक्षण में हो रहा है, जिससे यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या बंगाल वास्तव में लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है।



















